जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा आज पुलिस विभाग की उच्च स्तरीय बैठक के बाद धडाधड एक्शन लेते हुए पुलिस विभाग ने बीजेपी के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या और जयपुर के सांभर क्षेत्र में आरएसएस प्रचारक की थाने के अंदर बुरी तरह पिटाई के बाद लापरवाह पुलिसकर्मियों पर बडी कार्रवाई की है मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समीक्षा बैठक के बाद सरकार ने पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।
जयपुर के सांभर क्षेत्र में आरएसएस प्रचारक के साथ नरैना थाने के अंदर कथित मारपीट मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और नरैना थाने में थाना प्रभारी समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में पुलिसकर्मियों के आचरण और थाने के भीतर हुई घटना को लेकर विभागीय कार्रवाई की मांग उठी थी। अबभरतपुर जिले के वैर थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह को निलंबित किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत को पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है। इसके अलावा वृत्ताधिकारी भुसावर नीरज भारद्वाज, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) अजमेर अंजू यादव, वृत्ताधिकारी सांभर मुकेश जोशी, वृत्ताधिकारी श्रीगंगानगर विष्णु कुमार खत्री और जयपुर पुलिस आयुक्तालय में तैनात पुलिस निरीक्षक मुकेश खराड़िया को एपीओ किया गया है।
वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसआईयूसीएडब्ल्यू, जयपुर ग्रामीण बृजमोहन मीणा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खैरथल जया सिंह को उनके पद से हटाया गया है। इस तरह कुल नौ अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में विगत दिनों हुई आपराधिक घटनाओं तथा कुछ पुलिस कार्मिकों की लापरवाही और अमर्यादित व्यवहार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ एक्शन लिया है।सीएम ने कहा कि कानून सबके लिए एक समान है। अपराधी चाहे कोई भी हो उसे किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा।




