जयपुर । उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा स्वच्छता से समृद्धि’ की अवधारणा को साकार करते हुए अनुपयोगी रेलवे स्क्रैप से आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया जा रहा है।उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, रेलवे के विभिन्न कारखानों, अनुरक्षण डिपो एवं अन्य इकाइयों में ट्रेनों के अनुरक्षण और मरम्मत के दौरान निकलने वाले अनुपयोगी पुर्जों एवं कबाड़ का उपयोग आकर्षक कलाकृतियां बनाने में किया जा रहा है। इस अभिनव पहल से एक ओर जहां कबाड़ का रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर रेलवे परिसरों का सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के भगत की कोठी स्थित डीजल शेड के तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी रचनात्मक सोच और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए रेल इंजन के अनुपयोगी स्पेयर पार्ट्स से अनेक आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया है। इन कलाकृतियों को तैयार करने में स्प्रिंग, बेयरिंग, नट, बोल्ट सहित विभिन्न प्रकार के स्क्रैप का उपयोग किया गया है। तैयार की गई कलाकृतियों में ‘मेक इन इंडिया’ का प्रतीक शेर, पश्चिमी राजस्थान में पाया जाने वाला चिंकारा, रोबोट, स्टीम लोको ट्रॉली, हंस तथा भारत का नक्शा प्रमुख हैं।




