
जयपुर । हिस्टोरिका-स्टेप इनटू हिस्ट्री’ महज वैक्स म्यूजियम नहीं, एक टाइम मशीन है – जहाँ आप महाराजा के दरबार से लेकर हाड़ी रानी के बलिदान तक को अपनी आँखों से जियेंगे, आपके चारों तरफ होगा – 25 लाख शीशों के महल से लेकर राजस्थान के पहले थियेटर तक का सफर है ।
जयपुर आने वाला पर्यटक अब सिर्फ महल और किले ही नहीं देखना चाहता, बल्कि इतिहास को जीना चाहता है। पर्यटकों की इसी बदलती सोच और इमर्सिव अनुभव की मांग को देखते हुए, नाहरगढ़ किले में स्थित प्रसिद्ध जयपुर वैक्स म्यूजियम अब एक नए कलेवर और नए ब्रांड नाम ‘हिस्टोरिका – स्टेप इनटू हिस्ट्री’ के साथ शुरू होने जा रहा है । यह दुनिया का पहला मल्टी-एक्सपीरियंशियल हिस्ट्री म्यूजियम है, जो 300 साल पुराने नाहरगढ़ किले में स्थित है।

पहली है राम प्रकाश टॉकीज। यह 1878-79 में महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय द्वारा बनवाए गए राजस्थान के पहले थियेटर की प्रतिकृति है। यहाँ मेगा स्क्रीन पर दो ब्लॉकबस्टर फिल्में ‘मिस्ट्री ऑफ नाहरगढ़’ और ‘हाड़ी रानी’ दिखाई जाएंगी। यह एक ऐसा अनुभव होगा जहाँ पर्यटक फिल्म देख नहीं रहा, बल्कि उस फिल्म का हिस्सा बन जाएगा। नाहरगढ़ आने वाले पर्यटक को पता ही नहीं होता कि यह किला महज पत्थरो से बनी एक इमारत नहीं है बल्कि इसमें कई गहरे राज, त्याग और अधूरे प्रेम की कहानी दफन है जो इस फिल्म को देखने के बाद उसको जानकारी होगी और ज्यादा ही गहन तरीके से वो महल को देखेगा । वहीँ हाड़ी रानी पर बनी फिल्म देखने के बाद उसका वैक्स के पुतले को देखने का नजरिया बदल जाएगा ।
दूसरी दुनिया है शीश महल। यह 25 लाख से अधिक कांचों से बना दुनिया का इकलौता शीश महल है जिसमें कांच का फर्श है।तीसरी दुनिया है द रॉयल दरबार और चौथी दुनिया है हॉल ऑफ आइकॉन्स, जहाँ 45 से अधिक जीवंत मूर्तियां हैं।उल्लेखनीय है कि जयपुर वैक्स म्यूजियम का उद्घाटन दिसंबर 2016 में बॉलीवुड स्टार गोविंदा ने किया था। यह किसी विरासत स्थल पर बना दुनिया का पहला वैक्स म्यूजियम था।म्यूजियम रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुला रहेगा।
गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने म्यूजियम का दौरा करने पर फाउन्डर अनूप श्रीवास्तव को सुझाव दिया था कि यदि म्यूजियम में अनुभव को और बेहतर किया जाए तो इस विरासत में चार चांद लग जाएंगे और पर्यटक का अनुभव चौगुना हो जाएगा। उन्हीं के सुझाव को ध्यान में रखते हुए हिस्टोरिका इमर्सिव फिल्म की इस नई परिकल्पना पर काम किया गया है।श्रीवास्तव ने दिया कुमारी के सुझाव को पूरा कर दिया ।




